बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के सवा चार घंटे बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भगवान बदरीनाथ की विधिवत पूजा अर्चना कर देश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने करीब दो घंटे का समय धाम में बिताया।
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श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने राष्ट्रपति को रिंगाल की कंडी में रोट और अरसे के साथ ही बदरीनाथ जी के अंग वस्त्र और कपड़े पर उकेरी गई बदरीनाथ की फोटो भेंट की। इस दौरान वे उपहार लेते हुए मुस्कुराए और बोले वाह।
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राष्ट्रपति के साथ उनके पुत्र अभिजीत मुखर्जी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और राज्यपाल केके पॉल भी मौजूद थे। राष्ट्रपति एमआई-17 से शनिवार सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर आर्मी हेलीपैड पर पहुंचे।
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राष्ट्रपति के पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन द्वारा सुबह साढ़े छह बजे तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ मंदिर परिसर से हटा लिया गया और दुकानें भी बंद करा दिया गया। राष्ट्रपति विजयलक्ष्मी चौक से मंदिर परिसर तक करीब 200 मीटर पैदल चले।
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प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति के लिए हालांकि पालकी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन उन्होंने मंदिर तक पैदल ही जाने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद राष्ट्रपति सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर सिंह द्वार से बदरीनाथ गर्भगृह में पहुंचे और 19 मिनट तक भगवान बदरी विशाल की पूजा-अर्चना की।
बदरीनाथ से विदा लेते वक्त राष्ट्रपति ने नीलकंठ पर्वत के सामने और मंदिर परिसर में फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद राष्ट्रपति 10 बजकर 33 मिनट पर देहरादून के लिए रवाना हो गए।