'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
Thu, 06 Nov 2014 03:02 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड के श्रीनगर में कमलेश्वर महादेव मंदिर में 180 निसंतान दंपतियों ने खड़े दीये का अनुष्ठान किया।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
मान्यता है कि कमलेश्वर महादेव मंदिर में खड़े-खड़े हाथ में घी के दीये लेकर शिव भगवान की अर्चना करने पर निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति होती है।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
बैकुंठ चतुर्दशी पर हर साल इस मंदिर में निसंतान दंपति इस अनुष्ठान के लिए आते हैं। इस बार अनुष्ठान के लिए 214 दंपतियों ने पंजीकरण कराया था।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
मंदिर में सुख समृद्धि व निरोग्य जीवन की कामना के लिए देश भर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में दीप दान किया।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
बैकुंठ चतुर्दशी मेले में मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अपने मंत्रियों के साथ पहुंचे।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
मेले के उद्घाटन पर स्कूल के बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
इस दौरान उत्तराखंड के पारंपरिक नृत्य भी पेश किए गए।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
बच्चों के इस कार्यक्रम ने मेले में खूब प्रशंसा बटोरी।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
रात में कुछ इस तरह दिखाई दी मेले की रौनक।
'यहां रात भर घी के दीये जलाने से भर जाती है गोद'
हर साल लगने वाले इस मेले का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है।