एक जमाने में सबसे पवित्र कहा जाने वाला गंगा जल अब 'जहर' में तब्दील हो गया है। प्रदूषण और मानव कचरे के चलते गंगा का पानी प्रदूषित हो गया है।
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गंगा
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के देवप्रयाग, ऋषिकश और हरिद्वार में नदी के किनारे बैठकर शाम के समय बड़ी संख्या में लोग आरती करते हुए देखे जाते हैं। वह पूजा सामग्री को नदी में ही बहा देते हैं। इससे भी गंगा प्रदूषित होती है।
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- फोटो : ANI
गंगा स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो साबुन का इस्तेमाल करते हैं। और कपड़े भी धोने लगते हैं।
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ganga
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे भक्तों का सैलाब पूरे साल लगा रहता है जहां पर हजारों की भीड़ में एकसाथ पूजा अर्चना की जाती है। यह भी प्रदूषण की एक बड़ी वजह है।
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डेमो
- फोटो : demo pic
पवित्र गंगा को गंदा करने के पीछे रंगा हुआ चमड़े की धुलाई भी एक बड़ी वजह है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े गए पानी से गंगा नदी का पवित्र जल मैला हो गया है।
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सरकार द्वारा शुरू किए गए 'गंगा एक्शन प्लान' और 'नमामि गंगे' योजना भी इस तरह के अंधाधुंध प्रदूषण से फेल नजर आते हैं।