नोट बंदी के बाद सूबे के नेता हलकान हैं। कालेधन को ठिकाने लगाने के लिए अब इन नेताओं ने नया तरीका ढूंढ निकाला है।
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netaji
सहालग सीजन में अचानक नेताओं की व्यस्तता बढ़ गई है। विधायक बनने का ख्वाब देखने वाले अधिकतर नेता आजकल हर शादी का न्यौता अटेंड कर रहे हैं। शादी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के साथ शगुन के तौर पर पांच सौ और हजार का नोट टीका लिखवाकर पुण्य कमा रहे हैं। शादियों में ब्लैक मनी के बड़े नोट शगुन में देने की नेताओं में होड़ मची है।
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money
कई नेताओं ने एडवांस में ही पांच सौ और हजार के नोट के (शगुन) लिफाफे तैयार किए हैं। न्यौता आते ही हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। नेताओं का सामाजिक दायरा बहुत अधिक होता है। नेता भले ही क्षेत्र की जनता को नहीं पहचाने, लेकिन शादी-ब्याह और दूसरे शुभ कार्यों में नेताओं तक निमंत्रण पहुंचता है।
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k
आमतौर पर नेता खुद की व्यस्तता का हवाला देकर अधिकांश न्यौतों में नहीं जाते हैं। लेकिन, चुनावी माहौल में नेता कोई भी न्यौता नहीं छोड़ रहे हैं। हर नेता को जनता के वोट की दरकार है।
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marriage
नैनीताल जिले की बात करें तो अधिकांश सीटों पर भाजपा और कांग्रेस से दावेदारों की लंबी लिस्ट है। हर दावेदार विधायक बनने का सपना देख रहा है। शादी के न्यौते अटेंड करना उसके लिए मजबूरी ही नहीं बल्कि जरूरी भी है। शादी के मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग एक ही जगह मिल जाते हैं।
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bf
हर विधानसभा में संभावित दावेदारों की क्षेत्र की शादियां अटेंड करने की होड़ मची है। बकायदा, कई नेताओं ने क्षेत्र की शादी, बर्थ डे और शुभ कार्यों के न्यौते अटेंड करवाने की याद दिलवाने के लिए पर्सनल असिस्टेंट (पीए) की ड्यूटी तय कर दी है। पीए हर न्यौते को रजिस्टर में दर्ज कर रहे हैं।
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rupees
सुबह होते ही नेता लिस्ट जेब में रखकर अधिक से अधिक न्यौतों को अटेंड कर रहे हैं। शाम के वक्त नेताओं को सांस लेने की फुर्सत नहीं मिल रही है। अधिक से अधिक शादियां अटेंड करने के लिए भागमभाग हो रही है। शादी में शक्ल दिखाकर और शगुन लिखवाकर लिस्ट कम कर रहे हैं।
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शादियों का व्यंजन खाना तो दूर पानी से पेट भर रहा है। अधिकतर नेता शादी के शगुन में पांच सौ और हजार का नोट टीका लगवा रहे हैं। इससे नेताओं का काला धन भी शादी के शगुन में बंट रहा है।
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rupee
कुछ नेताओं ने एडवांस में शगुन के लिफाफे तैयार करवाए हैं। रोजाना के शादी के कार्ड के साथ लिफाफों की गिनती कर नेता जी की गाड़ी में संभाले जा रहे हैं।
किसी कारणवश न्यौते में नहीं पहुंचने पर नजदीकी लोगों के हाथों शादी वाले परिवारों तक शगुन पहुंचाकर हाजिरी लगवा रहे हैं। कई शादियों में तो क्षेत्र के अधिकांश नेता एक ही वक्त पर पहुंचकर खिसिया रहे हैं। कुसुमखेड़ा और बरेली रोड की दो शादियों में नेता ऐसी स्थिति से दो चार हो चुके हैं। आमना-सामना होने से बचने के लिए नेता अब पहले ही अपने लोगों से फोन कर टोह ले रहे हैं।