prakash panday
ठेकेदारों पर फंसी 11 लाख रुपये की रकम मिल जाती तो यह अनहोनी टल सकती थी। पुलिस ने कारोबार, ऋण और बैंक खातों को लेकर पांडेय की जो कुंडली तैयार की है, उसमें यह तथ्य प्रमुखता से दिया गया है। पांडेय ने कर्ज के बोझ से खुद को उबारने की अंतिम सांस तक कोशिश की, मगर हर तरफ से निराशा मिली तो जीवन की अंतिम राह आसान लगी।