बता दें कि बीते वित्त वर्ष के दौरान देश में बैंक की 6,937 शाखाएं थीं। वित्त वर्ष 2018 में सितंबर के अंत तक इसने इस आंकड़े को 6,940 कर लिया था। उनका कहना है कि अभी तक हमें इस तरह का कोई नोटिस नहीं मिला है। लेकिन अगर कुछ इस तरह का मामला होगा तो बैंकों की स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा।