प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा कई मायनों में चर्चाओं में रहीं। उनके आने से लेकर जाने तक छोटी-छोटी बातें लोगों के मुंह पर चढ़ रही। ड्यूटी पर तैनात जवान की बेटी से बात करना हो या फिर उनका महंगा कोट, हर चीज़ को लोगों ने चर्चा का विषय बना दिया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जितनी चर्चा केदारनाथ धाम आने और कपाट खुलने के दिन ही दर्शन करने की थी। उतनी ही चर्चा उनके जाने के बाद भी हो रही है। और हो भी क्यों नहीं विशिष्ट व्यक्तियों की हर छोटी-बड़ी बात पर मीडिया, सोशल मीडिया, देश-दुनिया, समाज की नजरें रहती हैं।
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हुआ यूं कि जब पीएम की केदारनाथ मंदिर के बाहर आने की तस्वीरें सामने आयी तो सोशल मीडिया की नजरें इत्तेफाक से उस फोटो पर पड़ गई जिसमें उन्होंने चप्पल जैसा कुछ पहना है। बस फिर क्या था, चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कि क्या मोदी मंदिर में दर्शन करने के लिए नंगे पैर नहीं गये?
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दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब केदारनाथ मंदिर से दर्शन कर बाहर आ रहे थे तो उनके पैरों काले रंग की सैंडिल दिखाई दे रही हैं। यह जानकर लोगों ने मोदी की आलोचना करनी शुरू कर दी। विपक्षी भी दबी जबान से कहने लगे कि हम तो पहले ही कहते थे, मोदी की देशभक्ति दिखावे की है। यह सब सत्ता हथियाने का षडयंत्र है। यह देखकर समर्थक भी कुछ सकपका जाते हैं।
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लेकिन सच ये है कि नरेंद्र मोदी जब बाबा केदारनाथ के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे तो एक संस्था द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए कपड़े और रेशे के मिश्रण से बनायी गयी चप्पलें पहने हुए थे।
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जो फोटों में ऐसी दिख रही हैं, जैसे सैंडिल पहन रखी हो। यह चप्पलें घंटों लाइन में खड़े रहने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई हैं। इन्हें यात्री खरीद भी सकते और किराये पर भी ले सकते हैं। यह कपड़े की चप्पलें सिर्फ मंदिर परिसर में ही इस्तेमाल की जाती हैं।
बस यहीं से लोगों को गलतफहमी होनी शुरू हो गई। चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों और सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि कहीं कोई ऐसी अफवाह सुनने, देखने को मिले तो उन पर विश्वास न करें। पूरी श्रद्धा, आस्था और विश्वास के साथ चारधाम की यात्रा पर आयें।