पेयजल को गांव तक पहुंचने में छह लाख रुपये खर्चा आया। गधेरे से पानी की लाइन डालकर नल भी लगवाया। इससे अब ग्रामीणों को गांव में ही आसानी से पानी मिल सकेगा। इस काम के लिए गांव के प्रत्येक परिवार ने 15 हजार रुपये की मदद की। वहीं, गांव की युवा पीढ़ी ने भी इसमें अपना सहयोग दिया।