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धुमाकोट बस हादसा: पीएम और सीएम भी नहीं बनवा सके 48 जान निगलने वाली 'मौत' की सड़क

Fri, 06 Jul 2018 09:38 AM IST
रतनमणी डोभाल, अमर उजाला, हरिद्वार
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पीएम मोदी और सीएम रावत एक मंच पर सााथ-साथ - फोटो : amar ujala file photo
विगत एक जुलाई को पौड़ी जिले के जिस धुमाकोट मोटर मार्ग पर बस दुर्घटना में 48 लोग मारे गए, उसके डामरीकरण के लिए पीएमओ से लेकर दो-दो मुख्यमंत्रियों के निर्देशों की अनदेखी हुई। देश और प्रदेश के शीर्ष कार्यालयों से मिलने निर्देशों के बाद भी सरकारी तंत्र की उदासीनता नहीं टूटी।
 
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harish rawat
सबसे पहले 10 जून, 2015 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने जिलाधिकारी पौड़ी को लिखा कि सड़क बनाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित करें। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 
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trivendra singh rawat
इसके बाद शिवलोक कालोनी हरिद्वार निवासी इंद्र सिंह रावत ने सड़क का डामरीकरण के लिए चार बार समाधान पोर्टल पर लिखा। इंद्र सिंह मूल रूप से धुमाकोट क्षेत्र के गांव चैनपुर के रहने वाले हैं। उनकी शिकायत पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 10 नवंबर, 2017 को लोनिवि के विभागाध्यक्ष को अपने हाथ से लिखा था कि जनहित में आवश्यक कार्रवाई करें। उसे भी अनसुना किया गया।

 

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pm Modi
इंद्र सिंह ने पांच जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी को जनहित में सड़क निर्माण के लिए पत्र भेजा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सात जनवरी को मुख्य सचिव उत्तराखंड को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

 
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dhumakot bus accident
मुख्य सचिव के निजी सचिव एनएल उनियाल ने पीएमओ के पत्र पर 25 जनवरी को लोनिवि के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को सड़क निर्माण प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई को लिखा था। इसके बाद भी सड़क का डामरीकरण नहीं हो सका।
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