विगत एक जुलाई को पौड़ी जिले के जिस धुमाकोट मोटर मार्ग पर बस दुर्घटना में 48 लोग मारे गए, उसके डामरीकरण के लिए पीएमओ से लेकर दो-दो मुख्यमंत्रियों के निर्देशों की अनदेखी हुई। देश और प्रदेश के शीर्ष कार्यालयों से मिलने निर्देशों के बाद भी सरकारी तंत्र की उदासीनता नहीं टूटी।