अगर आप भी चावल खाने के शौकीन हैं तो यह खबर पढ़कर आप शायद इसे खाना ही छोड़ दें।
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plastic rice test
देहरादून के एक आंदोलनकारी विनीत कुमार त्यागी ने पुरकुल गांव में अपने दोस्त के घर पर खाना खाया।
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इस दौरान उन्हें चावल खाते वक़्त थोड़ा शक हुआ। वह ठीक से नहीं खा पा रहे थे। उन्होंने पहले चावल में प्लास्टिक होने की बातें सुनी हुई थीं। इसलिए जांचना चाहा।
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उन्होंने बताया कि, जब चावल का गोला बनाया और उसे मेज पर उछाला, तो वह तेजी से गेंद की तरह उछलने लगा। यह देखकर वे हैरान रह गए।
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उनका कहना है कि, यह चावल यहां तक कैसे पहुंच रहा है। इस पर सरकार को गौर करना चाहिए।