Pithoragarh Army Recruitment: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में प्रादेशिक सेना भर्ती होनी है। इसके लिए बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। लेकिन युवाओं को अव्यवस्था के कारण वापस लौटना पड़ा।
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सेना भर्ती में मची भगदड़ के बाद जाते युवा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़ में भर्ती स्थल से लेकर पार्किंग तक युवाओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाने के लिए एसएसबी, आईटीबीपी, पुलिस और राजस्व पुलिस जुटी रही। एसपी रेखा यादव ने स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं को परखा।
उन्होंने बताया कि यातायात के साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए 150 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ एसएसबी, आईटीबीपी जवानों को तैनात किया गया है। कहा कि पुलिस भर्ती रैली को सफल बनाने में पूरा सहयोग कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ अव्यवस्थाएं युवाओं के भविष्य पर भारी पड़ीं।
छोटे मैदान में अनुमान से अधिक भीड़ पहुंची तो सभी व्यवस्थाएं धरासायी हो गईं। कुछ युवाओं ने बताया कि दौड़ में शामिल कई युवा भीड़ अधिक होने से गिरकर चोटिल हो गए। कइयों ने बताया कि खतरे को देखते हुए वे भर्ती में शामिल ही नहीं हुए। ऐसे में उनका सेना में जाने का सपना अधूरा रह गया।
बोले युवा
भर्ती रैली के मैदान में एक साथ 400 से अधिक युवाओं को दौड़ाया गया। विरोध करने पर हम पर लाठियां फटकारी गईं। भगदड़ में कई घायल हो गए। हम भर्ती होने आए थे, घायल होने नहीं। - दीपक।
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सेना भर्ती से लौटा सौरभ
- फोटो : अमर उजाला
सेना में जाने का सपना लिए पिथौरागढ़ पहुंचे। हम पर लाठी चलाई तो हमें वहां से भागना पड़ा। बगैर भर्ती में शामिल हुए ही घर लौटना पड़ रहा है। यह बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा और उनके हितों के साथ खिलवाड़ है। - सौरभ।
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सेना भर्ती से लौटा अरुण
- फोटो : अमर उजाला
हमारा साथी भगदड़ में घायल हो गया। हमें भी भर्ती छोड़कर लौटना पड़ा। घायल होने से अच्छा है कि हम सुरक्षित अपने घर लौटें। भर्ती छोड़कर घर लौट रहे हैं। - अरुण।
सेना में जाने के सपने को पूरा करने पिथौरागढ़ पहुंचा था जो पूरा नहीं हो सका। दौड़ में शामिल कई युवा मैदान छोटा होने से चोटिल हो गए। ऐसे में खतरा अधिक था। घायल होकर घर लौटना सही नहीं है। ऐसे में बगैर भर्ती में शामिल हुए घर लौट रहा हूं। - संदीप।