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दुर्लभ सांपों की चौंका देने वाले तस्वीरें, पहले कभी नहीं देखी होंगी

Sun, 12 Jul 2015 09:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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सांपों का नाम सुनकर अक्सर हम डर जाते हैं पर सांपों के ऐसी प्रजातियां भी हैं जिन्हें देखकर आप देखते ही रह जाएंगे। नैनीताल के मुक्तेश्वर क्षेत्र में ही सांपों की ऐसी अनोखी प्रजातियां हैं जिनके बारे में लोग जानते ही नहीं। आगे की स्लाइड में देखिए इन दुर्लभ सांपों को...
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दुर्लभ सांपों की चौंका देने वाले तस्वीरें, पहले कभी नहीं देखी होंगी

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ये है ह‌िमालयन कैट स्नेक ज‌िसे आमतौर पर ब‌िल्ली सर्प भी बोला जाता है। ये काफी कम जहरीले होते हैं। वैसे तो इन सांपों से लोग दूर ही रहना पसंद करते हैं पर कुछ वन्य जीव प्रेमी हैं जो ऐसे जीवों को दुन‌िया के सामने लाने में लगे हैं। इनमें से ही हैं मुक्तेश्वर स्थित केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक शियानंद संगवान जो काफी अरसे से सर्पों के अध्ययन और संरक्षण में लगे हैं।
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उनके साथ इस काम में उनके मित्र विकास भी लगे हैं जो मध्य प्रदेश से हैं और सर्प विज्ञान में एमफिल स्कॉलर हैं। तस्वीर में है हिमालयन पिट वाइपर। दुनिया का एकमात्र सर्प जो अधिकतम ऊंचाई पर पाया जाता है। ऐसी प्रजाति है जो अगर काट ले तो वो अंग धीरे-धीरे गलना शुरू हो जाता है और इसका अभी तक कोई टीका भी बाजार में नहीं आया है।

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उन्होंने बताया पहाड़ों में ज्यादातर हिमालयन त्रिंकेट, हिमालयन कैट स्नेक, ब्लैक हेडेड स्नेक, हिमालयन माउंटेन कील्बैक, हिमालयन पिट वाइपर मिलते हैं। तस्वीर में आप देख रहे हैं ब्लैक हेडेड स्नेक, इसका पूरा शरीर नारंगी लेक‌िन सर काला होता है। विकास ने बताया कि मुक्तेश्वर के जंगलों में सहजता से इन सभी प्रजातियों का मिलना बहुत ही आश्चर्य एवं एक सुखद अनुभूति है। सभी तस्वीरें और जानकारी श‌ियानंद सांगवान, व‌िकास व भूपेश कनौज‌िया ने उपलब्ध कराई। आगे देख‌िए खास सांप...
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ये है दुन‌िया के सबसे दुर्लभ सांपों में से एक लाल मूंगा खुखरी सांप (रेड कोरल खुखरी स्नेक)। इसे पहली बार 1936 में खीरी रेंज में पाया गया था। उसके बाद 2014 में एक मृत रेड कोरल नैनीताल के तराई पर्वतीय वन प्रभाग में मृत र‌िपोर्ट हुआ। 9 जुलाई को पहली बार इसी क्षेत्र में यह सांप ज‌िंदा म‌िला है ज‌िसे वन्य जीव व‌िशेषज्ञों ने अध्ययन के ल‌िए पकड़ा है। तो कैसी लगी इन रंगीन सांपों की अजब दुन‌िया।
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