निजी बस की टक्कर से बाइकसवार एक महिला की मौत हो गई, जबकि बेटा मामूली रूप से जख्मी हो गया। हादसे से गुस्साए लोगों ने शव सड़क पर रखकर बस में तोड़फोड़ कर दी। इसी बीच चालक-परिचालक मौके से फरार हो गए। इससे गुस्साए लोगों ने बस में आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने जैसे-तैसे स्थिति पर काबू पाया।
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पाडली गुज्जर निवासी इशरत (47) अपने बेटे मुजम्मिल के साथ शनिवार को बाइक से भगवानपुर स्थित एक अस्पताल में किसी रिश्तेदार को देखने जा रही थी। इशरत के साथ पांच वर्षीय पोता भी था। दोपहर करीब 12 बजे तीनों रामपुर चुंगी के पास पहुंचे ही थे।
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तभी सामने से आ रही एक निजी बस ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इससे इशरत की मौके पर मौत हो गई। जबकि मुजम्मिल मामूली रूप से जख्मी हुआ। जबकि पोते को खरोंच तक नहीं आई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित होने लगी।
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इसी दौरान बस चालक और परिचालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गए। थोड़ी ही देर में परिजन भी मौके पर पहुंच गए। दुर्घटना से आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखा और बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिसमें बस के अधिकतर शीशे टूट गए।
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इससे दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन गुस्साए लोगों ने पुलिस के सामने ही बस में आग लगाने का प्रयास कर दिया। जैसेतैसे पुलिस ने गुस्साए लोगों को शांत कराया।
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इस दौरान करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने किसी तरह शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। उसके बाद बस कब्जे में लेकर भगवानपुर थाने भेज दिया।
गुस्साए लोग आरोपी चालक की गिरफ्तारी और बस को सुपुर्द करने की मांग कर रहे थे। इस को लेकर सिविल अस्पताल में भी काफी देर तक हंगामा होता रहा। दुर्घटना में महिला की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार पिछली बातों को याद कर बेटे मां को याद कर रहे थे। वहीं पति शराफत भी हादसे के बाद होश हवास खो बैठे थे।