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PICS: ऐसा 'भूत' जिसके आने पर मनाया जाता है उत्सव

Thu, 10 Sep 2015 08:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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पिथौरागढ़ जिले में कुमौड़ के ऐतिहासिक मैदान में 'भूत' के आने पर उत्सव मनाया जाता है। अनूठी लोक परंपरा की संवाहक हिलजात्रा उत्सव के हजारों लोग गवाह बने और लखियाभूत का आशीर्वाद लिया।
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पिथौरागढ़ के आसपास के इलाकों के अलावा कुमाऊं के अन्य स्थानों से भी लोग हिलजात्रा देखने पहुंचे। हिलजात्रा पर्व की तैयारी कुमौड़ गांव में मंगलवार (8 सितंबर) से शुरू हो गई थी। मंगलवार देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। बुधवार दोपहर बाद नगर के सभी लोगों का रुख कुमौड़ गांव की ओर था।
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बाद में ढोल-नगाड़ों के बीच जैसे ही लखिया भूत को मैदान में लाया गया तो उपस्थित लोगों के रौंगटे खड़े हो गए। लखियाभूत का पात्र इस साल नीरज महर बने थे। वह विशेष प्रकार का मुखौटा पहने थे। उन्हें नियंत्रित करने के लिए बड़ी-बड़ी रस्सियों का सहारा लिया गया।

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कुमौड़ के ऐतिहासिक मैदान में शाम करीब पांच बजे से उत्सव की शुरुआत हुई। इससे पूर्व लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम हुए। कुमौड़ के ऐतिहासिक कोट (किले) से सबसे पहले रोपाई करने वाली महिलाओं का दल मैदान में उतरा। इसके बाद गलिया बल्द (आलसी बैल) की जोड़ी लाई गई। काफी देर तक यह कार्यक्रम चला।
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मान्यता है कि लखियाभूत जितना आक्रामक है, प्रसन्न होने पर उतना ही फलदायी भी होता है। हजारों की तादात में मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने लखियाभूत का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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