गुलदार की दहशत
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गुलदार का आतंक इतना है कि अब क्षेत्र में बातचीत का यही एक मुद्दा बचा है। सुबह के वक्त सैर पर जाना भी बंद कर दिया है। बच्चों को भी घर के अंदर ही रखते हैं। ताकि, कोई अनहोनी न हो।
-संदीप रावत, पूर्व सैनिक, जाखन
हमने आसपास के लोगों को समझाया है कि वह बिना काम के घर से बाहर सुबह या दिन ढलने के बाद न निकलें। सुबह धुंध में गुलदार सक्रिय रहता है। आज भी क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की खबर है।-अमित थापा, पूर्व सैनिक, जाखन