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रिहायशी इलाकों का ऐसा हाल: यहां लोगों ने छोड़ा सुबह सैर पर निकलना, दिन ढलते ही घरों में हो रहे बंद, जानें वजह

Wed, 17 Jan 2024 03:08 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
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माॅर्निंग वाॅक - फोटो : pixabay
आजतक जो घटनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ही सुनाई देती थी, उनसे अब रिहायशी इलाके भी अछूते नहीं है। आलम ये है कि इस क्षेत्र के बहुत से लोगों ने सुबह की सैर ही बंद कर दी है। सुबह सवेरे लोगों की चहलकदमी से आबाद रहने वाले क्षेत्र में लोग अब अपने जरूरी काम से ही घर से बाहर निकल रहे हैं।

राजधानी देहरादून की कैनाल रोड और जाखन से सटे रिहायशी इलाकों में स्थानीय बाजार भी अब रात में एक से डेढ़ घंटा पहले ही बंद हो रहे हैं। क्षेत्र में शाम के वक्त लोगों ने अपने बच्चों को पांच बजे के बाद बाहर भेजना बंद कर दिया है।

क्षेत्रीय पार्षद कमल थापा ने बताया कि जाखन और कैनाल रोड के आसपास के रिहायशी इलाकों में अब पहले जैसा माहौल नहीं रहा। सुबह पांच बजे से ही यहां की सड़कों और गलियों में लोग सैर पर निकल जाते थे। मगर, रविवार को रिस्पना नदी में हुए गुलदार के हमले के बाद अब लोगों की जिंदगी में जैसे ठहराव सा आ गया।
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देहरादून की गली में घूमता गुलदार - फोटो : अमर उजाला
यहां पर अब वर्षों से सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों से लेकर जवान तक अब किसी जरूरी काम से ही बाहर निकलते हैं। इसके साथ ही शाम के वक्त लोग इकट्ठा होकर ही बाहर निकलते हैं।
 
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गुलदार-प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सुबह धुंध के कारण के कारण गुलदार के हमला होने की ज्यादा आशंका रहती है ऐसे में लोगों ने बाहर निकलने से परहेज को ही बेहतर समझा। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द ही गुलदार के आतंक को खत्म करने की मांग की है।

 
 

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गुलदार की दहशत - फोटो : amar ujala
गुलदार का आतंक इतना है कि अब क्षेत्र में बातचीत का यही एक मुद्दा बचा है। सुबह के वक्त सैर पर जाना भी बंद कर दिया है। बच्चों को भी घर के अंदर ही रखते हैं। ताकि, कोई अनहोनी न हो।
-संदीप रावत, पूर्व सैनिक, जाखन
 
हमने आसपास के लोगों को समझाया है कि वह बिना काम के घर से बाहर सुबह या दिन ढलने के बाद न निकलें। सुबह धुंध में गुलदार सक्रिय रहता है। आज भी क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की खबर है।-अमित थापा, पूर्व सैनिक, जाखन
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गुलदार
हम वर्षों से सैर पर जाते थे। लेकिन, अभी एहतियात के तौर पर सैर करना भी बंद कर दिया है। बच्चों और महिलाओं को हिदायत दी है कि वह बिना काम के शाम और सुबह के वक्त घर से न निकलें। -सुब्रमनी सेट्टी, वासु एस्टेट, कैनाल रोड
क्षेत्र में एक के बाद एक दो घटनाएं हुई हैं। गुलदार के बारे में सुना है कि वह दिन ढलने और सुबह के वक्त हमला करता है। ऐसे में जरूरी है कि घर में ही रहें। काम हो तब ही बाहर निकला जाए।- गौतम घले, पूर्व सैनिक, कैनाल रोड
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