बाबा रामदेव और बालकृष्ण ने पहले योग की हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री के माध्यम से देश में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने इसके साथ आयुर्वेद को भी जोड़ा। योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म की संवाहक योग संदेश मासिक पत्रिका का प्रकाशन हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, बंगाली, ओडिया, असमी, कन्नड, भाषाओं में किया जाता है। देश-विदेश में प्रतिमाह योग संदेश पत्रिका के दस लाख से भी अधिक पाठक हैं।