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कुछ दिन बाद घर से उठनी थी बेटी की डोली, लेकिन वहां से उठी मां-पिता की अर्थी, दर्दनाक तस्वीरें...

Tue, 16 Apr 2019 06:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को दर्दनाक हादसे में मृतक अंधियारी चापड़ा (काथणा) गांव निवासी ज्योति प्रसाद और राजमति देवी के घर में सुबह तक खुशी का माहौल था। अपनी बड़ी बेटी बबली की शादी को लेकर दंपति बेहद खुश थे। लेकिन पलभर में ही परिवार की सारी खुशियों पर ग्रहण लग गया। 
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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर वाहन दुर्घटना में पति-पत्नी की मौत की खबर जिसने भी सुनी वह मौके की तरफ दौड़ पड़ा। खबर सुनते ही उनके चार बच्चों बबली, राधिका, दीपक और प्रदीप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में चारों तरफ मातम पसर गया। 
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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा
खेतों में हाड़तोड़ मेहनत मजदूरी कर ज्योति प्रसाद और उनकी पत्नी राजमति देवी ने पाई-पाई जोड़कर कर अपनी बड़ी बेटी बबली के हाथ 28 अप्रैल को पीले करने थे। घर में पहली शादी होने से परिवार और नाते रिश्तेदार इन दिनों तैयारियों में जुटे हुए थे। 

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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला
बबली के माता-पिता शादी का सामान खरीददारी करने और बैंक के काम से मंगलवार को चिन्यालीसौड़ जा रहे थे, लेकिन चिन्यालीसौड़ से पहले ही मठियाली के समीप वाहन दुर्घटना में वे अकाल मौत के शिकार हो गए। दुर्घटना का असली पहाड़ बबली पर जा गिरा। 27 अप्रैल को उसकी मेंहदी होनी थी। 28 अप्रैल को चंबा के कांडा गांव से बारात आनी थी, लेकिन इससे पहले ही सिर से माता-पिता का साया उठ गया।
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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला
बबली की 14 वर्षीय छोटी बहन राधिका दोनों पैरों से दिव्यांग है। वह चलने में असमर्थ है। 10 वर्षीय छोटे भाई दीपक और 7 साल के प्रदीप को गांव के लोग स्कूल पहुंचकर अपने साथ उनके माता-पिता के अंतिम दर्शनों के लिए कंडीसौड़ अस्पताल लेकर गए। दिव्यांग राधिका, दीपक और प्रदीप उन्हें देखकर सदमे में है। 
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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला
घर से चिन्यालीसौड़ जाते वक्त बबली के पिता ज्योति प्रसाद ने कहा था बेटी अभी खाना मत बनाना। जब हम 12-1 बजे तक वापस लौट आएंगे, तब खाना बनाएंगे, लेकिन चिन्यालीसौड़ पहुंचने से पहले ही उनकी मौत की खबर आ गई। 
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ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला
उधर, गाड़ी चला रहे महादेव प्रसाद की पत्नी चंद्रा का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो रही है। चंद्रा के कंधों पर अब चार छोटे-छोटे बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। महादेव अपने पीछे पत्नी चंद्रा, बेटी अंजली (12), साधन (8),  सिद्धी (6)  बेटा हरिकृष्ण (10) का भरापूरा परिवार को अकेला छोड़ गया है।
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