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पांडव काल की ये रहस्यमयी गुफा बनी आस्था का केंद्र, देखिए क्या है अंदर

Tue, 06 Dec 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, त्यूनी
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
देहरादून के त्यूनी क्षेत्र स्थित गोरछा गांव से तीन किमी दूर घने जंगल में मिली प्राचीन गुफा के प्रति स्थानीय लोगों की श्रद्धा बढ़ती जा रही है। सोमवार को बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने यहां धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।
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lakhamandal cave
अनुष्ठान में गोरछा के साथ ही बाइला, पिंगुवा, बुरास्वा, बागणी, डीडा, बुल्हाड़, नोहरा समेत आसपास के गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। स्थानीय लोग इस पांडव काल की मान रहे हैं।
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
पंडित जेएस शास्त्री ने विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया। महासू देवता मंदिर समिति बुल्हाड़ के अध्यक्ष प्रताप रावत और पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह रावत ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुफा के दर्शन को आ रहे हैं। यहां मौजूद सैकड़ों शिवलिंग की पूजा-अर्चना का दौर जारी है।

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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
स्थानीय लोगों का मानना है कि गुफा का इतिहास पांडव काल से जुड़ा हुआ है। जिसके चलते गुफा के प्रति उनकी आस्था तेजी से बढ़ रही है। लोगों ने गुफा को धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल की श्रेणी में शामिल करने की मांग की है। मौके पर पूरण सिंह, सरदार सिंह, केशर सिंह, मान सिंह, भूप सिंह, हरीश, प्रताप रावत, नंदा दास मौजूद रहे।
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
गौरतलब है कि बीते 22 नवंबर को गांव से दूर घने जंगल में चरवाहों को प्राचीन गुफा मिली थी। गुफा के अंदर शिवलिंग जैसी कई आकृतियां हैं, जिन पर लगातार पानी टपकता रहता है।
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longest cave in tiuni - फोटो : AmarUjala
अमर उजाला के माध्यम से गोरछा गांव के पास जंगल में एक गुफा मिलने की बात संज्ञान में आई है। आगामी 16 दिसंबर को पुरातत्व विभाग की टीम गुफा का भ्रमण करेगी। जांच के बाद ही गुफा के महत्व की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
-लीली धस्माना, अधीक्षण पुरातत्व विभाग
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