देहरादून में यहीं रहते थे प्रवीण मित्तल
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ऐसे में उन्होंने कार फाइनेंस कराने का आग्रह किया था। उनके सरल स्वभाव और जान-पहचान के चलते उन्होंने कार फाइनेंस करा दी। चार सालों से भी ज्यादा समय हो गया था, वह लगातार गूगल पे के माध्यम से कार की किस्तें जमा करते आ रहे थे, लेकिन बीते दो महीनों से किस्त जमा नहीं हुई थी।