उत्तराखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति को जागरों और लोकगीतों के माध्यम से देश-विदेश में फैलाने वाली पद्मश्री लोक गायिका बसंती बिष्ट ने पीएम मोदी से मन की बात की।
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पद्मश्री जागर गायिका बसंती बिष्ट ने बताया कि मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा, पद्मश्री पाकर कैसा लग रहा है, आप बहुत खुश लग रही हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर पीएम का आभार व्यक्त किया।
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उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बृहस्पतिवार को आयोजित अवार्ड समारोह में पीएम से मुलाकात कर उत्तराखंड में शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाने, गढ़वाली समेत तमाम लोक भाषाओं को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कराने और पलायन रोकने को रोजगार के संसाधन सृजित करने की मांग की।
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पीएम मोदी ने इत्मिनान से उनकी बात सुनी और कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही हैं। जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड की जागर गायिका बसंती बिष्ट को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
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पद्मश्री बसंती बिष्ट ने अमर उजाला से दूरभाष पर हुई बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पद्मश्री सम्मान से नवाजे जाने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहती थी।
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मगर समारोह में बहुत भीड़भाड़ और पीएम मोदी के उनसे काफी दूर होने के कारण मिलने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगर वहां मौजूद मीडिया कर्मियों और नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री से मिलाने में सहयोग किया।
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बताया कि करीब सात मिनट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंच पर ही उनकी मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने पीएम से अपने मन की बात की। बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से उत्तराखंड में शराब पर रोक लगाने, पलायन की समस्या का स्थायी समाधान के साथ ही गढ़वाली भाषा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है।
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पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जागर गायिका बसंती बिष्ट ने कहा कि वह गढ़वाली भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मिलेंगी।
बताया कि युवाओं और घर-परिवारों से दूर होती गढ़वाली भाषा के प्रचलन को बढ़ावा देने के लिए इसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जब बच्चों को किताबों में गढ़वाली भाषा सीखने का मौका मिलेगा, तो वह अपने दादा-दादी और माता-पिता से गढ़वाली भाषा सीखने की इच्छा जताएंगे। इस जिज्ञासा से हमारी लोक भाषा समृद्ध होगी।