भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने प्रदेश में सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने की घोषणा और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के विरोध में शनिवार को सीएम आवास कूच किया। छात्रों को पुलिस ने हाथीबड़कला में ही रोक लिया जिस पर हाथापाई के दौरान उन्होंने एक बैरियर तोड़ दिया लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
बाद में छात्र वहीं धरने पर बैठकर नारेबाजी करते हुए लौट गए। शनिवार को एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी अनुशेष शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी और जिलाध्यक्ष सौरभ मंमगाई के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से सीएम आवास कूच किया।
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इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने पहले ही व्यवस्था मजबूत की हुई थी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र आगे बढ़े। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें सीएम आवास से पहले हाथीबड़कला में ही रोक लिया।
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गुस्साए छात्रों ने एक बैरिकेडिंग भी तोड़ दी लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते वह आगे नहीं बढ़ पाए। बाद में छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।
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उन्होंने पुलिस को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने सेमेस्टर सिस्टम पर कोई फैसला लेने से पहले छात्रों से राय लेने, प्रदेश के कॉलेजों में जल्द शिक्षकों और पुस्तकों की कमी दूर करने की मांग की।
एनएसयूआई के सीएम आवास कूच के बहाने डीएवी में अध्यक्ष पद के दो दावेदारों राजेश भट्ट और हिमांशु रावत का शक्ति प्रदर्शन भी हुआ। सूत्रों के अनुसार शनिवार की देर रात या रविवार को एनएसयूआई की ओर से प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी।