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दूसरी दुनिया का अहसास कराने वाली इस घाटी में खुला पर्यटक सुविधाओं का रास्ता, सेना ने दी स्वीकृति

Sun, 12 Aug 2018 10:10 AM IST
विपिन बनियाल, अमर उजाला, देहरादून
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nelong valley opens for tourist
सामरिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और पर्यटन के लिहाज से बेहद खूबसूरत नेलांग घाटी में पर्यटक सुविधाओं का रास्ता खुल गया है। घाटी में पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए सेना ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। सेना की स्वीकृति के बाद अब राज्य सरकार वहां पर पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजना तैयार करने जा रही है।
 
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nelong valley
1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी में गैर सैनिकों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। हालांकि बाद में स्थानीय लोगों को वर्ष में एक बार धार्मिक क्रियाकलापों के लिए वहां जाने की इजाजत दी गई। पिछले साल यह फैसला किया गया कि प्रशासन की अनुमति से पर्यटक नेलांग घाटी जा सकते हैं, लेकिन वे वहां रात को नहीं रुक पाएंगे।

 
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nelong valley opens for tourist
आवाजाही का रास्ता खुल जाने के बाद नेलांग घाटी पर्यटकों से गुलजार होना शुरू तो हुई, लेकिन वहां पर पर्यटक सुविधाओं के नाम पर कुछ न होने की कमी खलती रही। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पिछले दिनों सेना प्रमुख बिपिन रावत से इस संबंध में बात की थी। सेना ने अब वहां पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए मंजूरी दे दी है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने खुद इसकी पुष्टि की है।
 

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सेना प्रमुख से मेरी बात हुई है। उन्होंने नेलांग घाटी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर मंजूरी दे दी है। आज की स्थिति में वहां पर पर्यटकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। और तो और उन्हें बारिश या धूप से बचने के लिए कोई शेड तक नहीं है। खाने-पीने, बैठने आदि की भी सुविधा नहीं है। सरकार अब वहां पर पर्यटक सुविधाओं के लिए जरूरी निर्माण करेगी।
 - सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री, उत्तराखंड
 
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पहाड़ का रेगिस्तान भी कहा जाता है इस घाटी को...
नेलांग घाटी समुद्र तल से 11000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। सालभर यहां बर्फ की चादर बिछी रहती है। यहां पर वनस्पति नहीं है, इसलिए इसे पहाड़ का रेगिस्तान भी कहा जाता है। घाटी में दो नदी बहती हैं। दूर तक फैला तिब्बत का पठार और वहां जाने वाला पैदल मार्ग देखा जा सकता है। वुडेन ब्रिज को देखना ही अपने आप में अलग अहसास से गुजरना होता है। इसके अलावा, हिम तेंदुआ और हिमालयन ब्लू शीप यहां पाए जाते हैं।  मार्च से जून और सितंबर से अक्तूबर तक का समय नेलांग घाटी जाने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
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