अपनी शायरी और गीतों में जिंदगी के हर रंग शामिल करने वाले द को दून की हरियाली बेहद पसंद थी। दून के प्रसिद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम विरासत में जब भी वह प्रस्तुति देने आते थे तो दून को सितारों वाला शहर कहते थे।
Trending Videos
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
2 of 9
उनसे नजरें क्या मिलीं रोशन फिजाएं हो गईं, आज जाना प्यार में जादूगरी क्या चीज है... जैसे गीतों की रचना करने वाले मशहूर शायर निदा फाजली का सोमवार को निधन हो गया।
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
3 of 9
वह दो बार विरासत में प्रस्तुति दे चुके हैं। इस साल अप्रैल में वह दून आने वाले थे, लेकिन अब ऐसा हो नहीं पाएगा। शायद ऐसे हालात के लिए ही उन्होंने लिखा है कि कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता, कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता...
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
4 of 9
निदा फाजली को बच्चों से बेहद प्यार था। तभी तो उन्होंने लिखा है कि ‘घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए’। निदा को सम्मानित करने वाली दून की संस्था शैलेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट के इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बच्चों के प्यार के चलते ही वह इस साल अप्रैल में दून आने वाले थे।
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
5 of 9
इंद्रजीत सिंह केवि-एक में प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने निदा को बच्चों के बीच स्कूल में आने का न्योता दिया तो उन्होंने झट स्वीकार कर लिया। सिंह ने बताया कि फाजली कहते थे कि शायरी बच्चों के बीच की जानी चाहिए, ताकि उनमें कुछ संस्कार आएं।
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
6 of 9
सिंह ने बताया कि गुवाहाटी में पोस्टिंग के दौरान जब उन्होंने फाजली को स्कूल में बुलाया था तो उन्होंने आयोजकों से कोई पैसा नहीं लिया। वह बच्चों के बीच आकर बेहद खुश हुए और बोले कि 200 बच्चों के बीच शायरी करके मुझे आनंद आया, इसका कोई पैसा नहीं।
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
7 of 9
रीच संस्था की डायरेक्टर राजश्री ने बताया कि निदा फाजली को दो बार विरासत कार्यक्रम में बुलाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें दून आने के लिए कहा गया वह एक ही बात कहते थे कि विरासत का आयोजन साल में दो बार कराया करो, ताकि मैं दो बार यहां आ सकूं।
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
8 of 9
निदा को जब भी एफआरआई घूमने के लिए ले जाया जाता तो वह वहां घंटों बैठे रहते। निदा को एफआरआई के परिसर में समय व्यतीत करना बेहद पसंद था।