केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की रविवार को संपन्न हुई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में पांच प्रतिशत अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। सीबीएसई ने कड़ी चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश दिया। सख्त ड्रेस कोड की वजह से कई अभ्यर्थियों को जूते निकालकर नंगे पैर एग्जाम देने जाना पड़ा। अभ्यर्थियों को अब आंसर की का इंतजार है।
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रविवार को राजधानी में 14 केंद्रों पर नीट एग्जाम आयोजित किया गया। परीक्षा केंद्रों पर सुबह साढ़े सात बजे दरवाजे खोल दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ केंद्रों पर इक्का-दुक्का अभ्यर्थी विलंब से पहुंचे तो उन्हें एंट्री नहीं मिल पाई। गत वर्ष के मुकाबले इस साल अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का समय सही रहा। सुबह ठीक साढ़े नौ बजे एग्जाम सेंटरों के दरवाजे बंद कर दिए गए।
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परीक्षा सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक हुई। राजधानी और आसपास से पंजीकृत 10006 अभ्यर्थियों में से पांच प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। बोर्ड ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी उत्तर पुस्तिकाएं सील कराकर भिजवाई।
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सीबीएसई नीट की आंसर की मई के अंतिम सप्ताह में जारी होगी, जबकि रिजल्ट आठ जून को आएगा। इससे पहले परीक्षा देकर बाहर आने वाले अभ्यर्थियों को फिजिक्स के सवाल मुश्किल और बायोलॉजी सबसे आसान लगी।
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अभ्यर्थियों ने बताया कि दो प्रश्नों के गलत होने की वजह से उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। छात्रा अंजली रावत का कहना है कि फिजिक्स के दो सवालों ने सबसे ज्यादा परेशान किया। उनका कोई हल नहीं निकला तो छोड़कर आ गए। आंचल दोसाद के मुताबिक, बायोलॉजी सबसे आसान रही।
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संदीप सिंह रावत ने बताया कि कैमिस्ट्री के मुकाबले फिजिक्स काफी मुश्किल था। इससे स्कोरिंग पर भी असर पड़ सकता है। तरुण तोमर ने कहा कि पेपर काफी मुश्किल और लंबा था। कुछ सवालों पर ज्यादा समय लगा। इसी प्रकार, विवेक, अरुण और आदित्य रावत ने भी केमिस्ट्री के मुकाबले फिजिक्स को टफ बताया। अब सभी की निगाहें मई के अंतिम सप्ताह में जारी होने वाली आंसर की पर हैं।
वीआर क्लासेज के एमडी वैभव राय का कहना है कि नीट का रिजल्ट आठ जून को आएगा। इससे पहले मई के अंतिम सप्ताह में सीबीएसई की ओर से आंसर की जारी करते हुए इस पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। जो अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होंगे, वह प्रमाण के साथ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।