फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये विदेशी छात्र? देख लीजिए

Thu, 16 Jul 2015 06:21 PM IST
डॉ. योगेश योगी/अमर उजाला. हरिद्वार
विज्ञापन
1 of 8
हरिद्वार के एक प्राइमरी स्कूल में तीन दिन तक नीदरलैंड से आए छात्रों की लगन देखकर हर कोई हतप्रभ रहा। देखिए तस्वीरों में क्या करते रहे ये छात्र....
Trending Videos
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

2 of 8
तीन दिन तक यह विदेशी पूरे गांववालों के लिए कौतुहल का विषय बने रहे। स्कूल में बच्चों को काम करते देख दौरान गांववालों की समझ भी नहीं आया कि सात समंदर पार से आए इन बच्चों को मजदूरी करने की जरूरत क्यों पड़ी।
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

3 of 8
दरअसल तीन द‌िन में इन छात्रों ने स्कूल के 24 कुर्सी-मेज बनवाई। आखिर में पता चला कि नीदरलैंड के यह स्कूली बच्चे और शिक्षक एक प्रोजेक्ट के तहत स्वालंबन की शिक्षा ले रहे हैं तो सभी ने वहां की शिक्षा प्रणाली को जमकर सराहा।

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

4 of 8
नीदरलैंड से 24 सदस्यीय यह दल रविवार को जमालपुर गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंचा। इस दल में चार शिक्षक, एक डाक्टर और बाकी कक्षा नौ से 12 तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं शामिल हैं। मंगलवार तक इस दल ने सुबह नौ से शाम पांच बजे तक स्कूल में खूब पसीना बहाया।
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

5 of 8
बुधवार को यह दल ऋषिकेश-देहरादून के लिए रवाना हो गया। तीन दिन तक नीदरलैंड के इन बच्चों ने स्कूल के बच्चों के लिए 24 जोड़ी कुर्सी-मेज बनाई।
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

6 of 8
इसके लिए यह विदेशी बच्चे ज्वालापुर बाजार से लकड़ी और फर्नीचर बनाने के उपकरण खुद खरीदकर लेकर पहुंचे। इन बच्चों ने स्कूल परिसर में ईंटों से एक चबूतरा बनाया। परिसर और आसपास 50 पौधे भी रोपे।
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

7 of 8
प्रतिदिन आठ घंटे इन बच्चों की मेहनत देखकर हर कोई हतप्रभ है। समय की प्रतिबद्धता ऐसी रही कि सुबह नौ बजने से पांच मिनट पहले सभी बच्चे स्कूल पहुंच जाते थे।
विज्ञापन

प्राइमरी स्कूल में 'मजदूरी' क्यों कर रहे ये व‌िदेशी छात्र? देख लीज‌िए

8 of 8
दल में शामिल डिसेंट, चैना, रोबिन, डेजर्फी, एन्डरीड, ऐरिक और निमा आदि छात्रों ने बताया कि उनके स्कूली पाठ्यक्रम में स्वालंबन शिक्षा का प्रोजेक्ट शामिल है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में जो पैसा खर्च होता है उसे बच्चे अपनी जेब खर्च में कटौती कर इकट्ठा करते हैं। सभी तस्वीरें और स्टोरी- डॉ. योगेश योगी/अमर उजाला, हर‌िद्वार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें