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झूठा आश्वासन देकर तुड़वा दिया था मौन व्रत
पहली पत्नी स्वर्गीय सुशीला तिवारी के नाम पर बने अस्पताल की बदहाली देखकर व्यथित पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी अस्पताल के बाहर ही मौन व्रत पर बैठ गए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व चिकित्सा-शिक्षा मंत्री हरक सिंह रावत ने पूर्व सीएम की सभी बातें मानकर मौन व्रत तुड़वा दिया था। लेकिन, सरकार ने उनकी मांग पर एक कदम भी नहीं बढ़ाया। वर्ष 2015 में एनडी तिवारी अपना जन्मदिन मनाने आए थे। 90 वर्ष की आयु में जन्मदिन के बाद उन्होंने ताबड़तोड़ क्षेत्र भ्रमण किया था। इस दौरान तिवारी एसटीएच की बदहाली को लेकर बहुत भी दुखी थे। एसटीएच में उपकरण, फैकल्टी, डॉक्टरों की कमी समेत अन्य मांगों को लेकर अक्टूबर 2015 के अंतिम सप्ताह में एसटीएच के बाहर मौन व्रत पर बैठ गए थे।