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दबंग स्वभाव के थे रोहित शेखर, लेकिन अपने प्यार से ही खा बैठे धोखा, पढ़िए कुछ अनकही बातें

Thu, 25 Apr 2019 08:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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अपूर्वा शुक्ला के साथ रोहित शेखर (फाइल फोटो)
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन उनके दोस्त और जानने वाले बताते हैं कि वह बेहद दबंग प्रवृत्ति के थे। वह रोहित के एक दम से चले जाने से स्तब्ध और दुखी हैं।
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रोहित शेखर की पत्नी और ससुर - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की आपराधिक शाखा ने बुधवार को रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। जहां पूछताछ में अपूर्वा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सबके बीच दबंग कहलाने वाले रोहित अपने प्यार से ही हार गए।
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रोहित शेखर की पत्नी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि रोहित शेखर और अपूर्वा शुक्ला का प्रेम विवाह हुआ है। शादी के पहले वह लिव-इन में रहते थे। करीबी यह भी बताते हैं कि स्व. एनडी तिवारी रोहित की शादी पहाड़ी लड़की से करवाना चाहते थे।

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फाइल फोटो - फोटो : Social Media
बता दें कि अप्रैल 2016 में हरिद्वार स्थित जवाहरलाल नेहरु युवा केंद्र की नई कार्यकारिणी को कार्यभार ग्रहण कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के साथ रोहित शेखर तिवारी भी पहुंचे थे। 
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मारपीट में फट गया था कुर्ता (फाइल फोटो)
इस दौरान रोहित शेखर और एनडी तिवारी के समर्थक कांग्रेस के यूथ लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष रामविशाल देव के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी। जिसमें रोहित का कुर्ता तक फट गया था। मारपीट इतनी बढ़ गई थी कि भारी संख्या में पुलिस ने मोर्चा संभाला था।
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वोट डालने के लिए अपनी मां के साथ हल्द्वानी गए थे रोहित - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इसी तरह 11 अप्रैल को उत्तराखंड में हुए लोकसभा चुनाव को लेकर रोहित शेखर नैनीताल मतदान करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लोगों से वोटिंग की अपील तो की ही, साथ ही खुद को टिकट न मिलने को लेकर भी अपनी राय रखी थी। कहा था कि मैं दिल्ली से सिर्फ इसलिए आया हूं कि अपने मत का प्रयोग कर सकूं। मैं चुनावी प्रक्रिया में शामिल हो पाया या नहीं, मुझे टिकट मिला या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन वोट डालना एक नागरिक के रूप में मेरा कर्तव्य है।  
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रोहित शेखर (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
वह भाजपा में थे, लेकिन उन्होंने बेबाकी से कहा था कि नैनीताल सीट मेरे पिता की वजह से जानी जाती है, उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर देश में विकास पुरुष के तौर पर पहचान बनाई। इसलिए मैंने अपना वोट नैनीताल सीट से प्रत्याशी हरीश रावत के जरिए सीधे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को दिया है। 
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