सरकार एक कदम आगे बढ़ी तो किताब माफिया ने उसका भी तोड़ निकाल लिया। शिक्षा विभाग की ओर से प्रकाशित कराई गईं एनसीईआरटी की कक्षा नौ से बारहवीं तक की किताबों को फेल करने के लिए बाजार में डुप्लीकेट किताबें उतार दी गई हैं। बाजार से डिमांड न आने के कारण उत्तराखंड शासन विद्यालयी शिक्षा द्वारा प्रकाशित दो लाख से अधिक पुस्तकें गोदाम में ही पड़ी हैं। पुस्तकों को पुस्तक विक्रेताओं तक पहुंचाने के जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से प्रयास भी नहीं किए गए हैं।