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तस्वीरें: जिस शहीद मेजर को भाई और दोस्त कहते थे 'टाइगर', उनकाे अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब

Mon, 18 Feb 2019 10:04 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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martyr major chitresh bisht
नौसेरा सेक्टर में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट को उनके दोस्त और भाई टाइगर कह कर बुलाते थे। बताते हैं कि शहीद बहुत बहादुर और निडर थे। 

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राजौरी में शनिवार को बारूदी सुरंग डिफ्यूज करते समय शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। ‘शहीद चित्रेश अमर रहें’ के उद्घोष के साथ नम आंखों से लोगों ने उन्हें आखिरी सलामी दी। शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिजन फफक पड़े, उन्हें बिलखता देख मौके पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान लोगों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
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आवास पर पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
चित्रेश बिष्ट का पार्थिव शरीर रविवार रात ही देहरादून पहुंच गया था। सेना की तरफ से सोमवार सुबह साढे़ आठ बजे उनका पार्थिव शरीर घर लाने की जानकारी दी गई थी। सुबह साढ़े छह बजे के करीब सेना और पुलिस की चहलकदमी बढ़ी तो नेहरू कॉलोनी स्थित बिष्ट के आवास पर लोगाें के आने का सिलसिला शुरू हो गया। अंतिम दर्शन को भीड़ जुटने के मद्देनजर पुलिस ने बिष्ट आवास पर आने वाले दोनों रास्तों पर बैरियर लगा दिए थे, ताकि वीआईपी और सैन्य अधिकारियों के अलावा अन्य किसी का वाहन न आ सके। सुबह आठ बजकर 23 मिनट पर सेना के वाहन में शहीद चित्रेश सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा तो ‘शहीद चित्रेश अमर रहें’ के उद्घोष से पूरा इलाका गूंजने लगा।  

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सेना के जवान पार्थिव शरीर को लेकर घर के अंदर पहुंचे तो पिता एसएस बिष्ट, मां रेखा बिष्ट, बड़ा भाई नीरज बिष्ट और अन्य परिजन फफक पड़े। मां अपने लाड़ले के अंतिम दर्शन पाने को काफी देर तक तड़पती रहीं। परिजनों के बिलखने की आवाज बाहर जमा लोगों के कानों तक पहुंची तो वो भी अपने आंसु नहीं रोक पाए। इसके बाद तो जन आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया।
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शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पोस्टर हाथों में लेकर आए लोगों ने ‘वंदेमातरम’, ‘चित्रेश अमर रहें’ के साथ ही ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’, ‘शहीदों का बलिदान याद करेगा हिंदुस्तान’, ‘अबकी बार, पाकिस्तान से आर-पार’, ‘शहादत का बदला लेकर रहेंगे’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। हजारों आक्रोशित लोगों की भीड़ के बीच पुलिस ने जैसे-तैसे रस्सों की मदद से वीआईपी के लिए रास्ता बनाया।
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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक उमेश शर्मा काऊ, हरवंश कपूर, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार समेत सेना के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि के बाद सेना के जवानाें ने बंदूकें  झुकाकर शहीद मेजर चित्रेश को अंतिम सलामी दी। इस दौरान वहां मौजूद जनसैलाब ने भी शहीद को सैल्यूट किया।
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इसके बाद सुबह 10 बजे शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए रवाना हुई तो लोगों ने फूलों की बरसात शुरू कर दी। सेना के वाहन में चित्रेश के पार्थिव शरीर के साथ चल रहे जवानों ने भी ‘चित्रेश बिष्ट अमर रहें’ के नारे लगाने के साथ ही आतंक के खिलाफ अपनी नाराजगी का भी इजहार किया।

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गमगीन माहौल में करीब एक किलोमीटर तक हजारों लोग पार्थिव शरीर के पीछे चलते रहे। बाद में लोगों को समझाकर वापस किया और पार्थिव शरीर को लेकर वाहनों का काफिला हरिद्वार रवाना हो गया।

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परिजनों को नहीं कराए अंतिम दर्शन
शहीद मेजर चित्रेश का पार्थिव शरीर करीब डेढ़ घंटे तक आवास पर रहा। इस दौरान पिता एसएस बिष्ट और मां रेखा बिष्ट बेटे के अंतिम दर्शन करने की जिद करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने इसके लिए मना कर दिया। बिष्ट तो मान गए, लेकिन मां बराबर बेटे को याद कर चेहरा दिखाने की मांग करती रही। सैन्य अधिकारियाें ने उन्हें जैसे-तैसे समझा-बुुझाकर शांत किया।

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सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
मेजर चित्रेश बिष्ट का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर को उनके चचेरे भाई हर्षित बिष्ट ने मुखाग्नि दी। इस दौरान खड़खड़ी श्मशान घाट पर भी जनसैलाब उमड़ा रहा। घंटों तक ‘मेजर चित्रेश अमर रहें’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे गूंजते रहे। बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप (बीईजी) रुड़की के ब्रिगेडियर रघुश्री निवासन के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। । 

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हरिद्वार में दूधाधारी चौक पर शवयात्रा साढ़े 11 बजे पहुंची। यहां पहले से शहर के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। सैकड़ों लोगों ने शहीद चित्रेश बिष्ट के पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की। 11.40 पर पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंचा। यहां शव को परिजनों के अलावा आर्मी के जवानों व अधिकारियों ने भी कंधा दिया। सेना की ओर से पुष्प चक्र भी चढ़ाया गया।
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इसके बाद सेना ने ताबूत से तिरंगा उतारा और शहीद की वर्दी उनके चचेरे भाई को सौंप दी। इस दौरान प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व सीएम एवं सांसद भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक ममता राकेश, सुरेश राठौर, देशराज कर्णवाल, हरिद्वार मेयर अनीता शर्मा समेत हजारों लोग मौजूद रहे। चाचा के बेटे हर्षित बिष्ट ने शहीद को मुखाग्नि दी।
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