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National Bravery Award 2020: मौत को सामने देख बनी भाई की ढाल, अब राष्ट्रपति के हाथों मिला सम्मान

Sat, 25 Jan 2020 08:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार

सार

  • गत वर्ष चार अक्तूबर को छोटे भाई की जान बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई थी राखी
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राखी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उत्तराखंड में पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडई गांव की राखी को उसके अदम्य साहस की वजह से राष्ट्रीय सम्मान मिला है। 11 साल की बहादुर बच्ची राखी के हौसले के आगे गुलदार ने भी हार मान ली थी। गत वर्ष चार अक्तूबर के दिन राखी को गुलदार ने उस समय गंभीर रुप से जख्मी कर दिया था, जब वह अपने छोटे चार साल के भाई राघव की ढाल बनकर गुलदार से भिड़ गई थी।
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राघव को लपकने के लिए गुलदार ने राखी पर कई वार किए, लेकिन राखी ने हिम्मत नहीं हारी। राखी की वीरता और अदम्य साहस को अमर उजाला ने गत वर्ष सात अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद राखी की वीरता की चर्चा प्रदेश और राष्ट्रीय फलक पर होने लगी।पौड़ी जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए राखी के नाम की संस्तुति की गई और इस तरह उसकी वीरता देशभर के बच्चों के लिए मिसाल बन गई।
 
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- फोटो : अमर उजाला
राखी पौड़ी गढ़वाल के उस सुदूरवर्ती अंचल की रहने वाली है, जहां के लोग विषम हालात में रोजमर्रा के काम करते हैं। उन्हें हर रोज जिंदगी जीने के लिए वन्यजीवों से भी जंग लड़नी पड़ती है। चार भाई बहनों में 11 साल की राखी सबसे बड़ी बेटी है। उसकी दो छोटी बहनें क्रमशः नौ साल की राशि और सात साल की राधिका है। चार साल का भाई राघव सबसे छोटा है जो पढ़ने के लिए गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में जाता है।
 

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- फोटो : अमर उजाला
घटना के दिन राखी और राघव अपनी मां के साथ पास के खेतों में गए थे। जहां से लौटते वक्त घात लगाए गुलदार ने राखी के कंधे पर बैठे उसके भाई राघव पर हमला कर दिया। राखी ने अपनी जान पर खेलकर उसे बचाया। तब वह भाई के ऊपर ढाल बनकर लेट गई और खुद गुलदार के हमले झेलकर गंभीर घायल हो गई। गत मंगलवार को भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीसीडब्ल्यू ) की ओर से दिल्ली में विधिवत रुप से राखी को राष्ट्रीय वीरता आईसीसीडब्ल्यू मार्कंडेय पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
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- फोटो : अमर उजाला
आईसीसीडब्ल्यू के बुलावे पर राखी, उसकी मां शालिनी देवी, पिता दलवीर सिंह रावत और छोटा भाई राघव 19 जनवरी को ही दिल्ली पहुंच गए थे। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राखी को राष्ट्रीय वीरता के मार्कंडेय पुरस्कार से सम्मानित किया। राखी के परिजनों ने इस साहसपूर्ण कार्य की घटना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया है। अमर उजाला की ओर से देहरादून यूनिट में नव वर्ष 2020 के मौके पर राखी को सम्मानित भी किया जा चुका है। 
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