वहीं, दूसरे के अपराध पर्दा डालने की कोशिश नारी निकेतन की महिला कर्मचारियों पर भारी पड़ गई। उस समय किसी को नहीं पता था कि आखिर मूक बधिर संवासिनी के पेट में किसका भ्रूण है। सिर्फ फजीहत से बचने को महिला कर्मचारी अपराध में भागेदारी बनती गईं। सोमवार का सजा का ऐलान हुआ तो अदालत में मौजूद परिजनों को झटका लगा।