अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कहा कि यदि केंद्र सरकार और सेना इजाजत दे तो नागा संन्यासी पाकिस्तान में नागाओं के आत्मघाती दस्ते उतार सकता है। परिषद की बैठक में छह प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही अगली बैठक इसी माह 28 नवंबर को प्रयाग की बागम्भरी पीठ में करने पर सहमति बनी।
सोमवार सुबह अखाड़ा परिषद की बैठक जूना अखाड़े के भैरव परिसर में हुई। इसकी अध्यक्षता परिषद अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि ने की। 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि ने कहा कि पाकिस्तान ने सभी हदें पार कर दी हैं।
आतंकवादी जिस प्रकार सीमा पार से आकर निर्दोष नागरिकों और सैनिकों की हत्या कर रहे हैं वह चिंताजनक है। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए नागा संन्यासी भी मानव बम और आत्मघाती दस्ते बनाकर देश की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों का बलिदान देश कभी नहीं भुला सकता। सभी अखाड़े इस मंच पर राष्ट्र रक्षा का संकल्प लेते हैं। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार शहीदों के परिवारों का पूरा बीड़ा उठाएं। इस कार्य में अखाड़ा परिषद भी सहयोग करेगी।
श्री महंत प्रेम गिरि ने कहा कि विगत प्रयाग कुंभ में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक अखाड़े में सात-सात करोड़ के स्थाई कार्य कराने की घोषणा की थी। यह राशि तत्काल अखाड़ों को उपलब्ध कराई जाए।
जानिए परिषद ने कौन से प्रस्ताव किए पारित
अखाड़ा परिषद की बैठक करते संत
- फोटो : AmarUjala
1. शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि और राष्ट्र रक्षा के लिए नागा संकल्प।
2. नमामि गंगे योजना में शामिल हो 13 अखाड़ों के दो-दो प्रतिनिधि।
3. अखाड़ों में कराए जाए स्थाई निर्माण।
4. उज्जैन और नासिक कुंभ के कार्य पूरे हो।
5. धर्मस्थलों पर सरकार न लगाए कर।
6. प्रयाग अर्द्धकुंभ के लिए अभी से शुरू हो निर्माण कार्य।
बैठक में ये संत थे उपस्थित
अखाड़ा परिषद की बैठक में बड़ा अखाड़ा उदासीन के महंत मोहनदास, जूना अखाड़ा के प्रेम गिरि, महानिर्वाणी अखाड़ा के रामसेवक गिरि एवं जमनापुरी, आनंद अखाड़े के श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती एवं जगदीश गिरि, आह्वान अखाड़े के महंत शिवशंकर गिरि, अटल अखाड़े के महंत पवन गिरि, अग्नि अखाड़े के श्री महंत गोविंदानंद ब्रह्मचारी, बैरागी दिगंबर अणि के महंत शिवशंकर दास एवं कृपा दास, निर्मोही अणि के महंत राजेंद्र दास एवं अयोध्या दास, निर्वाणी अणि के महंत धर्मदास और निर्मल अखाड़े के महंत गोपाल सिंह उपस्थित हुए।