अभिनेत्री श्रीदेवी की अस्थियां हरिद्वार में क्यों विसर्जित की गई, इससे पर्दा उठ गया है। गुरुवार को हरकी पैड़ी पर पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की।
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boney kapoor
फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन दुबई में 24 फरवरी को हुआ था। जिसके बाद 28 फरवरी को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चार मार्च को उनके पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी की अस्थियां रामेश्वरम में विसर्जित की गई।
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आठ मार्च यानी गुरुवार को दो कलश में श्रीदेवी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की गईं। फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी की अस्थियां हरिद्वार में गंगा में विसर्जित करने के पीछे दो बड़ी वजह थीं। पहली यह कि श्रीदेवी ने अपने जीते जी दोबारा हरिद्वार आने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन ऐसा हो न सका। इसलिए उनकी इच्छा पूरी करने के लिए बोनी और अनिल कपूर हरिद्वार में शांति पाठ कराने पहुंचे।
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श्रीदेवी बोनी कपूर
- फोटो : self
वर्ष 1993 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी कुछ देर के लिए हरिद्वार में रुकी थीं। शूटिंग के दौरान यहां से गुजरते हुए श्रीदेवी ने फिल्म यूनिट के साथ हरिद्वार में रुकने की जिद की थी। तब श्रीदेवी ने मां गंगा का आशीर्वाद लेकर दोबारा हरिद्वार आने की इच्छा जताई थी, लेकिन फिर वो कभी हरिद्वार नहीं आ पाईं। हिंदु धर्म में अस्थियों के एक हिस्से को आत्मा की शांति के लिए किसी अन्य स्थान पर भी विसर्जित किया जा सकता है।
दूसरी वजह यह कि कपूर खानदान के तीर्थ पुरोहित हरिद्वार में हैं। माना जाता है कि मरने के बाद अस्थि विसर्जन और श्राद्ध के लिए तीर्थ पर आना पड़ता है। श्रीदेवी से पहले हरिद्वार में कपूर खानदान के कई मेंबर्स की अस्थियां विसर्जित हो चुकी हैं। तीर्थ पुरोहित शिवकुमार के मुताबिक बोनी कपूर 1988 में अपने दादा लालचंद और 2011 में अपने पिता सुरेंद्र कपूर और पहली पत्नी मोना की अस्थियां गंगा में प्रवाहित कर चुके हैं।