यह जगह हिमालय की बीच स्थित है। जहां पहुंच पाना हर किसी के बस में नहीं है।
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- फोटो : amarujala
यह है उत्तराखंड में स्थित रूपकुंड। यहां हर तरफ आपको नर कंकाल दिख जाएगा। इन नर कंकालों का क्या रहस्य है यह कोई नहीं जानता।
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कुछ इसे प्राकृतिक आपदा तो कुछ वैज्ञानिक कारण मानते हैं। लेकिन रहस्य अब भी बरकरार है। यहां रात तो क्या दिन में जाना भी खतरनाक है क्योंकि यहां के मौसम का कोई ठिकाना नहीं है।
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यहां हड्डियां मिलने के रहस्य के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि बहुत सालों पहले एक भयानक आपदा आई थी उसने ही इन निर्दोष लोगों की जान ले ली। दरअसल उस समय ओलावृष्टि पड़ने से ये लोग खुद के जीवन को न बचा पाए। चोटों के आधार पर वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये ओले क्रिकेट की गेंद के जितने बड़े थे।
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स्थानीय लोग इस झील में नरकंकालों के मिलने की वजह नंदा देवी का प्रकोप मानते हैं। और तो और वो इस झील की पूजा भी करते हैं। यहां नरकंकाल हर उम्र और आकार के हैं। कुछ नरकंकालों की लंबाई तो 10 फीट है।
इस झील को रूपकुंड कहने के पीछे भी एक कहानी है। लोगों का कहना है कि एक बार शिव-पार्वती पृथ्वी का भ्रमण कर रहे थे। जब पार्वती को प्यास लगी तो शिव जी ने अपने त्रिशूल से इस झील का निर्माण किया। पार्वती जी ने इससे पानी पिया और इसमें अपनी परछाई देखकर इसको रूपकुंड का नाम दिया।