मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि सरकार और उसके नुमाइंदों की कथनी और करनी में अंतर है। उनका कहना है कि बड़े मंचों पर पीएम और गृह मंत्री खुले तौर पर कह रहे हैं कि इससे किसी की नागरिकता नहीं छिनेगी, जबकि नागरिकता बचेगी कैसे, यह नहीं बता रहे। उनका कहना है कि सरकार को जनता की आवाज को मद्देनजर रखते हुए अपनी जिद छोड़नी चाहिए।