प्रदर्शन में बैठीं महिलाएं व लोग
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उत्तराखंड में हल्द्वानी के बाद अब राजधानी देहरादून में दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर सीएए के विरोध में धरना चल रहा है। सीएए के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन सहित विभिन्न संगठनों के लोग दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इस कानून को वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को परेड ग्राउंड में भारत मुक्ति मोर्चा, भीम आर्मी, पीपल फोरम समेत कुछ संगठनों के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सीएए को गलत बताते हुए विरोध जताया। शहर काजी मौलाना मुहम्मद अहमद कासमी ने लोगों से सीएए के विरोध में एकजुट होने की अपील की। धरना-प्रदर्शन की अगुवाई कर रही उत्तराखंड बार काउंसिल की पूर्व अध्यक्ष रजिया बेग ने कहा कि उन्हें अब अन्य संगठनों से भी धरना प्रदर्शन को सफल बनाने में सहयोग मिल रहा है।
कांग्रेस नेता रहीशा फ ातिमा समेत कई वक्ताओं ने कहा कि सरकार ऐसे कानून थोपकर लोगों को बांटने का काम कर रही है। मौके पर मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी, महासचिव सद्दाम कुरैशी, उपाध्यक्ष आतिब कुरैशी, इलियास अंसारी, कांग्रेस पार्षद इतात खान, आसिफ हुसैन, दानिश कुरैशी, शाकेब, रमीज राजा, मीडिया प्रभारी वसीम अहमद, सरदार खान, अफसीन, लाइका, रशीला बेगम, नईमा, जुनैदा, मुस्तकीम, पीपुल्स फोरम उत्तराखंड से संयोजक जयकृत कंडवाल आदि मौजूद थे।