फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए, तीन तलाक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर क्या बोली एक मुस्लिम महिला

Fri, 09 Dec 2016 03:22 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर
विज्ञापन
1 of 8
shayra
तीन तलाक के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली विजय नगर नई बस्ती निवासी शायरा बानो ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 8
तीन तलाक पर इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला - फोटो : self
फोन पर उन्होंने अमर उजाला से बात की और कहा कि फैसले से मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न रुकेगा। मुस्लिम महिलाओं की स्थिति सुधर जाएगी। तीन तलाक में सभी अधिकार पुरुषों को ही दिए गए हैं।

 
विज्ञापन

3 of 8
ट्रिपल तलाक - फोटो : social media
महिलाओं को कोई अधिकार नहीं है, जबकि संविधान में महिलाओं और पुरुषों को बराबर के अधिकार दिए गए हैं।
 

4 of 8
तलाक
1400 साल पहले बनाए गए इस्लामिक कानून में गलती करने वाले हर महिला और पुरुष को सजा दी जाती थी, लेकिन अब गलती करने वाले को कोई सजा नहीं दी जाती है।
 
विज्ञापन

5 of 8
- फोटो : अमर उजाला
पुरुषों को इस्लामिक कानून का डर नहीं है। इसलिए वह कानून की आड़ में मनमानी करते हैं। तीन तलाक बोलकर पुरुष एक झटके में हंसता खेलता परिवार तोड़ देता है। अधिकार विहीन होने की वजह से मुस्लिम महिलाएं कुछ नहीं कर पाती हैं। 
 
विज्ञापन

6 of 8
- फोटो : getty
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी तीन तलाक के पक्ष में रहकर पुरुषों को अहमियत देता है।
 
विज्ञापन

7 of 8
quran
पवित्र कुरान में भी तीन तलाक का दूर-दूर तक जिक्र नहीं है। तलाक का जो भी फैसला हो वो कोर्ट के माध्यम से होना चाहिए।
 
विज्ञापन

8 of 8
shayra
अगर किसी पुरुष को पत्नी के साथ नहीं रहना है तो वह कोर्ट में अपील करे। कोर्ट से ही इसका फैसला हो। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से वह बेहद खुश हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें