धर्म के नाम पर एक-दूसरे का खून बहाने वालों के लिए मोइनुद्दीन और राकेश रस्तोगी की कहानी आंखें खोलने वाली है। 12 साल के मासूम अनाथ को एक मुस्लिम परिवार ने न केवल अपनाया, बल्कि उसे बेटे का प्यार भी दिया। हिंदू रीति-रिवाज के साथ अपने घर से उसकी बारात निकाली और देर शाम उसी अंदाज में बेटे और बहू का स्वागत भी किया। मोइनुद्दीन का पूरा परिवार घर में नई बहू की आमद से खासा खुश है।