अंतिम संस्कार
उस समय उनके पिता मोहम्मद खान रामदत्त को अपने साथ ले आए थे। तब से रामदत्त पारिवारिक सदस्य की तरह रह रहे थे। वह खुद रामदत्त को बड़े भाई के तौर पर सम्मान देते थे। सामाजिक सौहार्द की यह मिसाल नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अंतिम संस्कार में अमान खान, सनावर खान, सरफराज खान, यूसुफ तिवारी, सौरभ वर्मा, दीपक नेगी, विनोद बाराकोटी आदि भी शामिल हुए।