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जहां होगी अंबानी परिवार की हाई प्रोफाइल शादी, वहां मंत्री और अभिनेत्री भी ले चुके हैं सात फेरे

Thu, 02 Aug 2018 11:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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akash ambani
त्रियुगीनारायण में अंबानी परिवार की हाई प्रोफाइल शादी की खबर से सरकार उत्साहित है। सरकार का मानना है कि त्रियुगीनारायण को वैदिक वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर उभारने के जो प्रयास चल रहे हैं, उसमें मदद मिलेगी। न सिर्फ सरकार, बल्कि त्रियुगीनारायण मंदिर के पुजारियों में भी इस खबर से खुशी की लहर है। वे भी मानते हैं कि इस शादी से इस जगह का प्रचार देश-दुनिया में और तेजी से होगा।


 
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त्रिर्युगी नारायण
जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी और हीरा कारोबारी रसेल मेहता की बेटी श्लोका की त्रियुगीनारायण में शादी की तैयारियों की खबर है। यूं तो त्रियुगीनारायण में इससे पहले भी कई मशहूर हस्तियों की शादी हो चुकी है। मगर अंबानी परिवार से जुड़ी शादी की खबर सामने आने के बाद सरकार खासी उत्साहित है।
 
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satpal maharaj
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, त्रियुगीनारायण को वैदिक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभारने की कोशिश की जा रही है। निश्चित तौर पर हस्तियों से जुडे़ विवाह यहां होंगे, तो इस जगह का प्रचार-प्रसार और तेजी से देश दुनिया में होगा। त्रियुगीनारायण मंदिर के पुजारी एसपी जमलोकी का भी मानना है कि यह प्रस्तावित शादी इस क्षेत्र को नई पहचान देने में मददगार साबित होगी।
 

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kavita kaushik - फोटो : AmarUjala
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत, टीवी सीरियल एफआईआर की इंस्पेक्टर चंद्रमुखी चौटाला, गाजियाबाद की आईपीएस अधिकारी अपर्णा गौतम और नैनीताल के एडीएम ललित मोहन रयाल भगवान शिव और पार्वती की विवाह स्थली त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह बंधन में बंधे थे। अब, उद्योगपति मुकेश अंबानी के ज्येष्ठ पुत्र आकाश और हीरा व्यापारी रसेल मेहता की बेटी श्लोका की शादी यहां होने की संभावनाओं ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान दे दी है। 
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trivendra singh rawat
डीएम मंगेश घिल्डियाल की पहल पर पांडवा ग्रुप और गढ़ माटी संगठन द्वारा तीन युगों के प्रतीक इस धार्मिक स्थल को विवाह आयोजन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस वर्ष 19 मार्च को रुद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस स्थान को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में घोषित कर चुके हैं। यहां बीते अप्रैल माह में दो विवाह समारोह संपन्न हुए हैं, जिनमें स्थानीय रीति-रीवाज, पारंपरिक मांगल गीत, पहाड़ी भोजन को प्रमुखता दी गई। गढ़ माटी संगठन की संस्थापक व वेडिंग प्लानर रंजना रावत ने बताया कि अक्तूबर माह में तीन विवाह की बुकिंग मिल चुकी है।
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triyugi narayan temple
अगर, अन्य राज्य या विदेश के लोग भी यहां अपने बेटा-बेटी का विवाह करना चाहते हैं, तो उसकी भी पूरी व्यवस्था की जाएगी। विवाह पहले उस संबंधित धर्म के रीति-रिवाज और पुन: स्थानीय रीति-रिवाज से कराया जाएगा। विवाह फेरे (सप्तपदी) अखंड ज्योति के चारों तरफ ही लिए जाएंगे। इधर, पांडवाज ग्रुप के सलिल डोभाल ने बताया कि वेडिंग डेस्टिनेशन घोषित होने के बाद त्रियुगीनारायण का फेसबुक पर पेज अपलोड किया गया है। यहां हुए पहले विवाह समारोह की फोटो व वीडियो भी इस पेज में देखी जा सकती हैं। खास बात यह है कि यहां विवाह आयोजन का खर्चा होटल, लॉज व अन्य स्थानों के बजाय मात्र बीस से तीस प्रतिशत आ रहा है। 
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triyuginarayan temple
पौराणिक मान्यता ये है कि त्रियुगीनारायण मंदिर में शिव पार्वती का विवाह हुआ था। इस विवाह के साक्षी स्वयं भगवान विष्णु बने थे। माना जाता है कि शादी के बाद शिव पार्वती मद्महेश्वर चले गए थे और काफी समय तक वे वहीं रहे। वैसे, कुछ लोग देवप्रयाग से भी विवाह का संबंध जोड़ते हैं। इसमें कहा जाता है कि त्रियुगीनारायण में ही शिव-पार्वती का विवाह हुआ था, लेकिन शादी से पहले शिव देवप्रयाग आए थे। हालांकि त्रियुगीनारायण मंदिर के पुजारी एसपी जमलोकी इस तरह की जानकारी होने से इनकार करते हैं।
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