जियो के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी ने एक राज खोला है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले वह 1975 में केदारनाथ पहुंचे थे। कैसे, यह सुनकर आप करने लगेंगे इन्हें सलाम
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- फोटो : amarujala
प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रविवार को बदरीनाथ और केदारनाथ के दर्शन किए। केदारनाथ में उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत में पुरानी यादें भी ताजा कीं।
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केदारनाथ में तैनात पुलिस कर्मियों से बातचीत में अंबानी ने बताया कि वह पहली बार वर्ष 1975 में अपने पिता धीरुभाई अंबानी के साथ केदारनाथ आए थे।
मुकेश अंबानी ने बताया कि उस वक्त उनके पिता धीरुभाई अंबानी पालकी पर बैठकर केदारनाथ पहुंचे थे और वह पैदल पहुंचे।
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गौरतलब है कि वर्ष 2013 की आपदा से पहले गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी 14 किलोमीटर थी। अब बना नया मार्ग 16 किलोमीटर लंबा है। रविवार सुबह अंबानी पहले बदरीनाथ पहुंचे थे। कुछ देर बदरी-केदार मंदिर समिति के गेस्ट हाऊस में विश्राम करने के बाद वह मंदिर गए। उन्होंने भगवान बदरी-विशाल को तुलसी की माला, पंचमेवा, कमल के फूल का भोग लगाया।
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मुकेश अंबानी ने मंदिर में करीब 25 मिनट बिताए। बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष बीडी सिंह ने बताया कि जिओ की सफलता से उत्साहित अंबानी ने कहा कि जल्द ही उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी सेवा का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बदरीनाथ और केदारनाथ में यात्री सुविधाओं के विकास के लिए मंदिर समिति से प्रस्ताव भी मांगे।
बदरीनाथ के दर्शन के बाद अंबानी करीब 11 बजे केदारनाथ पहुंचे। बीस मिनट तक मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर समिति के स्टाफ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पुलिस के जवानों के साथ भी कुछ समय बिताया।