फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने बिताए थे 12 साल

Mon, 07 Jul 2014 02:21 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 10
उत्तराखंड के पौड़ी क्षेत्र में पांडवों की याद में चलने वाला सदियों पुराना मोरी मेला रविवार को धूमधाम से संपन्न हो गया।
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

2 of 10
मेले के अंतिम दिन चीड़ के दो बड़े पेड़ों को जड़ से उखाड़ने की अनूठी परंपरा को देखने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

3 of 10
परंपरा के अनुसार लोग चीड़ के दो पेड़ उखाड़कर उन्हें तमलांग गांव तक ले जाते हैं। मान्यता के अनुसार अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अपने अस्त्र-शस्त्र समी पेड़ के नीछे छिपाकर रखे थे। चीड़ के पेड़ को समी का प्रत‌िरूप माना जाता है।

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

4 of 10
करीब चालीस फीट ऊंचे चीड़ के पेड़ों को उखाड़ने के दृश्य ने वहां लोगों को पलक झपकाने तक मौका नहीं दिया। पहला पेड़ बीस मिनट में ही जड़ से उखाड़ दिया।
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

5 of 10
मान्यता है क‌ि प्राचीन समय में चीड़ के पेड़ों को हनुमान और नारायण का पश्वा अकेले ही उखाड़ता था। अब पेड़ पर पहले हनुमान चढ़ता है। उसके पीछे दो-तीन अन्य लोग चढ़ते हैं।
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

6 of 10
दोनों पेड़ों को बिना जमीन में गिराए सैकड़ों लोग तमलाग गांव लाए। अज्ञातवास के दौरान पांडवों की जननी कुंती ने तमलाग को अपनी ससुराल और कुंडी गांव को मायका माना था।
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

7 of 10
चीड़ के पेड़ को उखाड़कर कंधे पर रखकर तमलाग ले जाते युवक।

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

8 of 10
तमलाग गांव में कई घंटे तक पांडव नृत्य हुआ।

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

9 of 10
12 साल में होने वाले मोरी मेले की इस परंपरा को देखने के लिए आसपास के गांवों के लोग सुबह सात बजे से ही सुमेरूपुर के जंगलों में जुटना शुरू हो गए थे।
विज्ञापन

PICS: इस जंगल में पांडवों ने ‌बिताए थे 12 साल

10 of 10
चीड़ के पेड़ उखाड़ने की अनोखी परंपरा को देखने के ल‌िए पहाड़ पर चढ़ती महिलाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें