neelkanth mahadev
जलाभिषेक के लिए कांवड़िये देर रात से ही लाइनों में लगने शुरू हो गए थे। इस दौरान ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। श्रावणमास की कांवड़ यात्रा में पहुंचने वाले शिवभक्तों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अब तक आठ लाख से अधिक श्रद्धालु प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन कर चुके हैं।