सोमवार की रात चंद्रमा अपने सामान्य आकार से लगभग 14 गुना बड़ा नजर आया। वैज्ञानिकों ने इसे सुपरमून नाम दिया है। यही नहीं, अन्य दिनों की अपेक्षा चांद कहीं अधिक चमकदार नजर आया।
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supermoon
- फोटो : AmarUjala
वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सोमवार की रात चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट से होकर गुजरा। वैज्ञानिकों की भाषा में इस स्थिति को सुपरमून कहा जाता है।
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एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन
- फोटो : कुलदीप कुमार/अमर उजाला
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिकों के मुताबिक कार्तिक पूर्णिमा की शाम चंद्रोदय के साथ ही चांद का आकार अधिक बड़ा दिखा और उसकी चमक भी अन्य दिनों से कहीं अधिक थी। तस्वीर में एरीज में लगी एशिया की सबसे बड़ी टेलीस्कोप...
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एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन
- फोटो : कुलदीप कुमार/अमर उजाला, नैनीताल
बताया कि चंद्रमा में यह निखार 68 साल बाद तब आया जब वह अपनी कक्षा में चक्कर लगाते वक्त पृथ्वी के सबसे निकट से होकर गुजर रहा था। (एरीज में लगी इस टेलीस्कोप को भारत ने बेल्जियम के सहयोग से बनाया है।)
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- फोटो : AmarUjala
ऐसे में वह अपने सामान्य आकार से लगभग 14 गुना बड़ा नजर आया। एरीज के डॉ. शशिभूषण के मुताबिक चांद की यह स्थिति पूरी रात बनी रहेगी।