बारिश के पानी से लबालब सड़क
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इसके चलते एक जुलाई तक प्रदेश के सभी इलाकों में भारी बारिश होगी। विशेषकर कुमाऊं के अधिकांश क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसको देखते हुए वहां अलर्ट जारी किया गया है।
कुमाऊं के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार देर रात मानसून ने दस्तक दी। बृहस्पतिवार सुबह यह गढ़वाल मंडल को कवर करता हुआ राजस्थान की ओर बढ़ गया। बृहस्पतिवार की सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे। राजधानी देहरादून समेत कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद मौसम खुल गया।
हालांकि दोपहर बाद एक बार फिर आसमान काले बादलों से घिर गया और बारिश शुरू हो गई। रात के समय भी कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
वहीं, मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम केंद्र प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि एक जुलाई की शाम तक बहुत अधिक बारिश होने का अनुमान है। अगले 48 घंटे तक लगातार बारिश हो सकती है।
लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश राहत के साथ आफत भी लेकर आई है। बृहस्पतिवार को यमुनोत्री और ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बाधित होने से सैकड़ों यात्री बीच में ही फंस गए। हालांकि शाम तक दोनों राजमार्गों पर यातायात बहाल कर लिया गया। उत्तरकाशी जिले में बुधवार देर रात बारिश से ओजरी-डबरकोट में भूस्खलन होने से यमुनोत्री हाईवे करीब 16 घंटे बाधित रहा।
इससे यमुनोत्री धाम से दर्शन कर लौट रहे और जा रहे करीब 60 से 70 यात्री वाहन मार्ग के दोनों तरफ फंसे रहे। कड़ी मशक्कत के बाद यहां बृहस्पतिवार शाम चार बजे यातायात सुचारु हो पाया। टिहरी जिले में आगराखाल और हिंडोलाखाल के बीच भूस्खलन होने से ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे छह घंटे बाधित रहा। इस दौरान सैकड़ों तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को भूखे, प्यासे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
छह घंटे बंद रहा जोशीमठ-मलारी हाईवे
चीन सीमा क्षेत्र के गांवों को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे बारिश के दौरान सुरांईथोटा में भूस्खलन होने से छह घंटे तक बंद रहा। बीआरओ की टीम ने मलबा हटाकर दोपहर दो बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया। बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कड़ का कहना है सुरांईथोटा में चट्टानी भाग से मलबा और पत्थर बारिश होते ही हाईवे पर आ रहा है।