कुत्ते को बंदर का सबसे बड़ा दुश्मन कहा जाता है, लेकिन नैनीताल के भवाली स्थित सैनिटोरियम में इसका एकदम उल्टा है। दो माह पहले बंदर का एक बच्चा सैनिटोरियम में आया और यहीं का होकर रह गया। देखिए ये तस्वीरें...
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ये क्या, इस बंदर को है सबसे दोस्ती की चाह, तस्वीरें गवाह हैं
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शुरू में वह यहां के लोगों से डरता था, लेकिन लोगों ने उसे प्यार दिया तो वह यहां के लोगों का हो गया। बंदर का यह बच्चा जब लोगों से घुल मिल गया तो लोगों ने उसे रिंचू नाम दे दिया। तब से हर कोई उसे रिंचू के नाम से ही पुकारता है।
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रिंचू की खूबी यह है कि वह मनुष्यों के कुत्ते, बिल्ली व अन्य जानवरों के साथ ऐसे खेलता है जैसे वह उसके दोस्त हों। दिन भर में यहां बंदरों के कई दल आते हैं, लेकिन उसे इनसे कोई मतलब नहीं।
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रिंचू की एक खूबी और है। वह दुकानों में जाता है, लेकिन अपने आप न तो कोई सामान उठाता है और न ही खाता है। जब कोई दुकानदार उसे कुछ देता है तभी वह उसे खाता है।
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भवाली निवासी विजय तिवारी बताते हैं कि रिंचू हर किसी से दोस्ती करना चाहता है। बरिंचू को देखकर लगता है कि उसमें इंसानों से अधिक अक्ल है। यही कारण है किवह यहां हर किसी का चहेता बन गया है।