लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला का पार्थिव शरीर पहुंचा तो अन्य दो शहीदों के परिवारों की भी उम्मीद जग गई। बुधवार को लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम धामी को शहीदों के परिजनों ने रोक लिया। शहीद नायक दया किशन जोशी और शहीद सिपाही हयात सिंह की पत्नी ने मुख्यमंत्री धामी से अपने पतियों के पार्थिव शरीर तलाशने की मांग की।
सीेएम धामी ने भी शहीदों के परिजनों का दर्द समझते हुए उन्हें आश्वासन देते हुए सैन्य अधिकारियों से बातचीत का आश्वासन दिया। वर्ष 1984 में सियाचिन की चोटी पर गई यूनिट में कई जवानों के पार्थिव शरीर उनके घरों तक पहुंच चुके हैं। अब भी दो परिवार ऐसे हैं जो उम्मीदों के सहारे अपनों का इंतजार कर रहे हैं। शहीद लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला के साथ नायक दया किशन जोशी और सिपाही हयात सिंह भी शहीद हुए थे।
हर्बोला के साथ सियाचिन की चोटी पर जा रही कंपनी में सिपाही हयात सिंह भी शामिल थे। उनकी वीरांगना बच्ची देवी ने बताया कि उनके घर पर पहुंचे दो टेलीग्राम ने उनकी जिंदगी को सूना कर दिया था। पहले टेलीग्राम में सैन्य अधिकारियों ने उनके पति समेत 20 जवानों के लापता होने की सूचना दी थी।