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शहीद पिता का शव देख लिपटकर रो पड़ी बेटियां, तस्वीरें देख दिल भर आएगा

Wed, 21 Nov 2018 08:23 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, खटीमा
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शहीद चंद्रिका प्रसाद
जम्मू कश्मीर में आतंकियों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के हवलदार चंद्रिका प्रसाद का नेपाल सीमा पर बहने वाली जगबूड़ा नदी के घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ देहरादून और रामपुर के डीआईजी सहित तमाम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। इससे पूर्व सुबह तीन बजे शहीद के पार्थिव शरीर के घर पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा।  
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शहीद चंद्रिका प्रसाद
शहीद चंद्रिका प्रसाद का पार्थिव शरीर सीआरपीएफ के वाहन से मंगलवार सुबह तीन बजे उनके गांव खेलड़िया पहुंचा। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बुधवार सुबह नौ बजे तक शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। बाद में शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। देहरादून के डीआईजी दिनेश उनियाल, रामपुर के डीआईजी सुनील जॉन सहित सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट हेमंत कुमार, लोकेश बाबू, आरके यादव, ललित वर्मा, रुद्रपुर के नगर आयुक्त जयभारत सिंह, विधायक पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेसी भुवन कापड़ी, प्रकाश तिवारी, कन्हैयालाल, अमरजीत कुशवाहा, दान सिंह मुन्ना सामंत, हृदयानंद आदि शामिल हुए।  
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शहीद चंद्रिका प्रसाद
शहीद के घर से घाट तक के पांच किमी की पैदल शवयात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। शहीद के अंतिम संस्कार से पूर्व अधिकारियों जनप्रतिनिधियों ने पुष्प चक्र और पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर काठगोदाम से आई सीरपीएफ के जवानों की टीम ने शहीद को सलामी दी। शहीद के ज्येष्ठ पुत्र अनिरुद्ध प्रसाद ने मुखाग्नि दी। वहां पर शहीद के पिता बृजनंदन प्रसाद, थानाध्यक्ष प्रभात कुमार, सतीश पाठक, अजीत सिंह, आदि थे।

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शहीद चंद्रिका प्रसाद
देहरादून के डीआईजी दिनेश उनियाल व रामपुर के डीआईजी सुनील जॉन ने शहीद की पत्नी रामरति को तात्कालिक सहायता के तौर पर 50 हजार की सहायता राशि मुहैया कराई। उन्होंने कहा कि आपके परिवार की इस दुख की घड़ी में पूरा विभाग उनके साथ है। उन्होंने शहीद के पुत्र सर्वजीत की शिक्षा और आयु की जानकारी लेते हुए कहा कि जो भी सहायता हो सकेगी वह की जाएगी। 
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शहीद चंद्रिका प्रसाद
विधायक पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परिजनों व ग्रामीणों द्वारा शहीद द्वार और शहीद की प्रतिमा बनाए जाने की बात रखी। जिस पर विधायक ने कहा कि परिजनों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत के बाद जो भी तय होगा उसे बनाया जाएगा। उन्होंने शहीद की पत्नी रामरति सहित पुत्रों को आश्वासन दिया कि वह हर संभव सहायता मुहैया कराएंगे। 
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