उत्तरी कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर नौगांव सेक्टर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने में शहीद हुए नायक जीत बहादुर थापा का शव देहरादून पहुंच गया।
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jeet bahadur thapa
शहीद नायक जीत बहादुर उत्तरी कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर नौगांव सेक्टर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी घुसपैठ में घायल हो गए थे, उन्होंने रविवार शाम दिल्ली स्थित सेना के अस्पताल में अंतिम सांस ली।
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शहीद का शव देर रात दिल्ली से देहरादून पहुंचा था। सेनाधिकारियों के आदेश पर शव को सेना अस्पताल रखवा दिया गया था। जिसके बाद मंगलवार को हरिद्वार में पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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बंजारावाला, देहरादून निवासी 4/1 गोरखा राइफल्स के नायक जीत बहादुर थापा की शहादत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां सावित्री देवी और पत्नी रानी थापा का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और रविवार शाम से ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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जीत बहादुर पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। सात जून की शाम आतंकी घुसपैठ को नाकाम करने के दौरान वह घायल हो गए थे। उसी दिन उन्हें पहले श्रीनगर और फिर दिल्ली सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। शहीद जीत बहादुर थापा के दो बड़े भाइयों में एक भाई हवलदार गुप्ता बहादुर थापा 6/8 जीआर श्रीनगर में तैनात हैं। जबकि, दूसरे बड़े भाई मनबहादुर थापा जीआर से रिटायर्ड हैं। बहन पार्वती थापा का विवाह हो चुका है। उनके पिता स्वर्गीय नर बहादुर थापा भी पूर्व सैनिक थे। शहीद के जीजा विकास थापा के मुताबिक, जीत बहादुर थापा की पढ़ाई डीएवी पीजी कॉलेज से हुई। उनकी एक पांच वर्षीय बेटी मानवी थापा एवं तीन महीने का बेटा रौनक थापा है।
शहीद के शव को सुबह सात बजे बंजारावाला स्थित घर लाया गया। यहां आठ बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत आला प्रशासनिक अधिकारी शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि दी। दूसरी ओर जिलाधिकारी एसए मुरु गेशन के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी हरवीर सिंह देर शाम शहीद के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।