shani
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केतु भी बड़े क्रूर ग्रह है। मंगल का शनि की राशि में वक्री होना और शनि का पहले ही वक्री रहना ज्योतिष के अनुसार संकट को जन्म देने वाला है। मकर राशि मंगल की उच्च राशि है। उच्च राशि में वक्री होने का असर देशों की सीमाओं पर भी पड़ता है। मंगल की वक्री यात्रा भूमि, भवन, संकट और कर्ज बढ़ाने वाली है। शनि की ढैया से प्रभावित राशियों पर खासा प्रभाव पड़ने वाला है।